Tuesday, 1 December 2020

7 शहरों में दिन का पारा 30 डिग्री से ऊपर, पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय होने से बदला मौसम

नवंबर में शुरू हुआ सर्दी का दौर दिसंबर के पहले दिन रुक गया। मंगलवार को दिन का तापमान अचानक 4 डिग्री तक बढ़ा और 7 शहराें में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर चला गया।

न्यूनतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की बढ़ाेतरी हुई। सबसे ज्यादा 34.6 डिग्री पारा बाड़मेर में दर्ज हुआ। सबसे ठंडा माउंट आबू रहा। यहां रात का पारा 4.4 डिग्री रहा। जयपुर में अधिकतम पारा 29.5 और न्यूनतम 12.5 डिग्री रहा।

आगे क्या ? पश्चिमी विक्षाेभ के फिर सक्रिय हाेने के कारण पारा बढ़ा है, लेकिन अगले 48 घंटे में रात का पारा 3 डिग्री तक गिर सकता है।



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अगले 48 घंटे में रात का पारा 3 डिग्री तक गिर सकता है।


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फैशन हो या खाने का मेन्यू, टूथ ब्रश करना हो या नहाना; आपके हर कदम से घटेगा प्रदूषण

दुनिया के सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी में से एक भोपाल गैस कांड के बाद से देश में हर साल 2 दिसंबर को नेशनल पॉल्यूशन कंट्रोल डे होता है। इसका मकसद है ऐसे हादसों को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाना। मगर प्रदूषण तो ऐसे किसी हादसे के बिना भी लगातार फैल रहा है। हमारे आस-पास हवा, पानी और जमीन में तेजी से खराब हो रही है।

जहरीली हवा के मामले में भारत दुनिया के टॉप 5 देशों में शामिल हैं। अकेली इस वजह से हमारे देश में हर साल करीब 17 लाख लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से ज्यादातर स्ट्रोक, हार्ट अटैक, डायबिटीज, फेफड़ों के कैंसर से समय से पहले जान गवां बैठते हैं। 2019 में वायु प्रदूषण के चलते करीब 1 लाख 16 हजार नवजातों की जन्म से एक महीने के भीतर की मौत के मुंह में समा गए, यानी 2019 में हर पांच मिनट में एक नवजात बच्चे की मौत हुई।

इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े-बड़े समझौते हो रहे हैं। कानून और नीतियां बन रही हैं, मगर आज हम बताते हैं उन छोटे-छोटे कदमों के बारे में जिन्हें हम रोज उठाकर काफी हद तक प्रदूषण को कम कर सकते हैं। यह छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़े-बड़े उद्योगों और सरकारों को भी नीति बदलने को मजबूर कर देंगे।

कोयले की बिजली बचाना जरूरी, एसी 1 डिग्री बढ़ाकर चलाने से 6% बचत

  • भारत में करीब 57% बिजली की जरूरत कोयले से पूरी होती है। ऐसे में जरूरी हैं कि हम निजी तौर पर ग्रीन एनर्जी की रुख करें।
  • 27 डिग्री सेल्सियस पर एसी चलाकर 30% तक बिजली बचाना संभव, एक डिग्री ज्यादा टेम्प्रेचर से बचेगी 6% बिजली।
  • मकान या दफ्तर के छत को इन्सुलेट रखें, क्योंकि छत से ही सदीर् में 22% तक गर्मी लीक होती और गर्मी में करीब 22% तक तापमान बढ़ता है।
  • जिन कमरों में जरूरत नहीं, उनके बल्ब, पंखे, एसी और बाकी उपकरण बंद रखने से 20% तक बिजली की बचत मुमकिन है।

घरों पर सोलर पैनल लगाएं:- भारत में फिलहाल 38% ऊर्जा जरूरतें ग्रीन और न्यूक्लियर माध्यमों से पूरी हो रही है, जो 2030 तक बढ़कर 40% हो जाएगा।

पीने वाला पानी बचाएं:-धरती पर 96.5% पानी खारा है। बचे हुए बाकी पानी में से दो तिहाई स्थायी बर्फ के रूप में लॉक है इसलिए...

  • ब्रश करते हुए टैप बंद रखने से रोज घर में 7 से 10 लीटर तक पानी बचाया जा सकता है।
  • इससे एक साल में 4 मिनट तक 100 बार नहाने के लिए पानी बचेगा।
  • टॉयलेट में रूटीन के अलावा कुछ और फ्लश न करें। इससे एक बार में 6 से 10 लीटर पानी बचेगा।
  • डिस्पोजल को छोड़ें रियूजेबल को अपनाएं।
  • टॉयलेट पेपर का एक रोल बनाने में 140 लीटर पानी खर्च होगा।
  • वहीं एक डिस्पोजल डाइपर बनाने में करीब 500 लीटर पानी लगता है।

दिल्ली एनसीआर समेत ज्यादातर बड़े शहर आबोहवा बेहद खराब

धूल और धुएं के शहर बनने की 5 बड़े कारण

1- धूल और गाड़ियों का प्रदूषण:-56% पीएम (particulate matter) 10 की वजह शहरों में उड़ने वाली धूल। 20% पीएम 2.5 की वजह वाहनों से निकलने वाला धुआं।

सोर्स: आईआईटी कानपुर

2- पराली का जलाया जाना:-दिल्ली-एनसीआर में सभी तरह के प्रदूषण के कणों का 17-26% पराली जलाने के कारण।

सोर्स: आईआईटी कानपुर

3- ठंड में हवा की स्पीड और चक्र:-तेज हवा प्रदूषण करने वाले कणों को उड़ा ले जाती है, मगर सर्दियों में हवा की स्पीड कम होने से ज्यादातर शहरों में प्रदूषण बढ़ जाता है।

ठंड में तापमान तेजी से गिरने से जमीन के पास की ठंडी हवा और ऊंचाई पर ठंडी हवा के बीच गर्म हवा फंस जाती है। इससे गर्म हवा के ऊपर जाने की सामान्य प्रक्रिया बंद हो जाती है। इससे प्रदूषण वाले कण वातावरण में बने रहते हैं।

सोर्स: नेशनल फिजिकल लैबोरेटरी

4- दो विपरीत दिशाओं की हवाएं:-सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर में 72% हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से बहती हैं। वहीं, 28% गंगा के मैदानों से आती हैं। दोनों दिशाओं से आने वाली हवाएं टकराती हैं, ऐसे में प्रदूषण करने वाले कण पूरे इलाके में बने रहते हैं।

सोर्स: नेशनल फिजिकल लैबोरेटरी

5- मानसून का विदा होना:- आमतौर पर अक्टूबर में मानसून उत्तर पश्चिम दिशा से विदा होता है और हवाओं का रुख पलट जाता है। ऐसे में राजस्थान पाकिस्तान और अफगानिस्तान से धूल भरी हवाएं उत्तर भारत में छा जाती हैं।

सोर्स: नेशनल फिजिकल लैबोरेटरी

दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले देशों में भारत का पांचवां नंबर

कार्बन उत्सर्जन में भारत का चौथा स्थान, मगर आबादी के हिसाब काफी कम



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Fashion or food menu, tooth brushing or bathing; Pollution will decrease with your every step


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Monday, 30 November 2020

नवंबर में एक्टिव केस में 1.35 लाख की गिरावट आई, यह अक्टूबर से 2.35 लाख कम

देश में सोमवार को कोरोना के 31 हजार 179 केस आए, 42 हजार 282 मरीज ठीक हो गए और 482 की मौत हो गई। नवंबर में कुल 12.79 लाख केस आए। इनमें से 13.99 लाख मरीज ठीक हो गए, जबकि 15 हजार 508 मरीजों की मौत हो गई। इससे एक्टिव केस में 1.35 लाख की गिरावट दर्ज की गई। यह अक्टूबर से 2.35 लाख कम है। तब 3.70 लाख केस कम हुए थे।

देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 94.63 लाख हो गया है। इसमें 88.73 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 1.37 लाख मरीजों की मौत हो गई। अभी 4 लाख 40 हजार मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं।

कोरोना अपडेट्स

  • दिल्ली में टेस्टिंग बढ़ाने के मकसद से राज्य सरकार ने लोगों को बड़ी राहत दी है। अब राजधानी के प्राइवेट लैब में 800 रुपए में ही कोरोना टेस्ट होंगे। अब तक इसके लिए 2400 रुपए देना पड़ता था। सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसका ऐलान किया। कहा कि इससे राज्य में ज्यादा से ज्यादा लोग टेस्ट करा पाएंगे। राज्य सरकार की ओर से तैयार लैब्स में पहले की तरह फ्री में ही टेस्ट होंगे।
  • वाइस प्रेसिडेंट वेंकैया नायडू ने कहा कि भारत ने कोरोनावायरस पैनडैमिक से बहादुरी से लड़ाई लड़ी है। अर्थव्यवस्था भी जल्द ही स्थिर होगा। भारत में मृत्यु दर दुनिया में सबसे कम है। ग्लोबल स्तर पर इसकी सराहना हुई है।
  • सरकार ने कोरोना के मुद्दे पर 4 दिसंबर यानी शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे ऑल पार्टी मीटिंग (सर्वदलीय बैठक) बुलाई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस मीटिंग की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। सरकार ने कोरोना पर दूसरी बार ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई है। मोदी की वैक्सीन कंपनियों से चर्चा के बाद यह पहली अहम बैठक होगी।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेनोवा बायोफार्मा, बायोलॉजिकल ई और डॉ. रेड्डीज की टीमों से चर्चा की। इन कंपनियों के वैक्सीन ट्रायल अलग-अलग स्टेज में हैं। प्रधानमंत्री ने इन्हें सलाह दी कि आम लोगों को वैक्सीन के असर जैसी बातों के बारे में आसान शब्दों में समझाने के लिए एक्स्ट्रा एफर्ट करें। इस चर्चा में वैक्सीन की डिलीवरी के लिए लॉजिस्टिक, ट्रांसपोर्ट और कोल्ड चेन के मुद्दों पर भी बात हुई।
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि अगले साल जुलाई-अगस्त तक देश के 25 से 30 करोड़ लोगों तक वैक्सीन पहुंच जाएगी। इसी के अनुसार सरकार तैयारी कर रही है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द वैक्सीन हर एक व्यक्ति तक पहुंचाने की कोशिश करेगी।
  • ओडिशा सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक, राज्य में 31 दिसंबर तक बड़े स्तर होने वाले सोशल, पॉलिटिकल, स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट, एकेडमिक, कल्चरल, रिलीजियस कार्यक्रमों पर प्रतिबंध रहेगा। डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल और मास एजुकेशन क्लास 9-12वीं तक के स्कूल खोलने पर खुद फैसला ले सकेगा। सभी तरह के एकेडमिक, टेक्निकल, स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट भी 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे। केवल मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।

5 राज्यों का हाल

1. दिल्ली

यहां सोमवार को एक बार फिर 100 से ज्यादा कोरोना मरीजों की मौत हुई। बीते 24 घंटे में 3726 नए मरीज मिले। 5824 लोग ठीक हुए और 108 की मौत हुई। अब तक 5 लाख 70 हजार 374 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 32 हजार 885 मरीजों का इलाज चल रहा है। 5 लाख 28 हजार 315 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 9174 हो गई है।

2. मध्यप्रदेश

राज्य में सोमवार को 1383 नए मरीज मिले। 1576 लोग ठीक हुए और 10 की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 6 हजार 128 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 14 हजार 771 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 88 हजार 97 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 3260 हो गई है।

3. गुजरात

सोमवार को राज्य में 1502 नए मरीज मिले। 1401 लोग ठीक हुए और 20 की जान चली गई। अब तक 2 लाख 9 हजार 780 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 1 लाख 90 हजार 921 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 14 हजार 870 मरीजों का इलाज चल रहा है। संक्रमण से मरने वालों की संख्या अब 3989 हो गई है।

4. राजस्थान

राज्य में सोमवार को लंबे समय बाद नए केस से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी। पिछले 24 घंटे के अंदर 2677 नए मरीज मिले। 2762 लोग ठीक हुए और 20 की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 68 हजार 63 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 28 हजार 653 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 2 लाख 37 हजार 98 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 2312 हो गई है।

5. महाराष्ट्र

सोमवार को राज्य में 3837 नए मरीज मिले। 4196 लोग रिकवर हुए और 80 की जान चली गई। अब तक 18 लाख 23 हजार 896 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 90 हजार 557 मरीजों का इलाज चल रहा है। 16 लाख 85 हजार 122 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 47 हजार 151 हो गई है।



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हिमाचल में किसानों की आय में इजाफा, पंजाब में मेहनत के मुताबिक दाम नहीं, महाराष्ट्र में कंपनी नहीं देती मुआवजा

नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने दिल्ली को घेर रखा है। आरोप है कि सरकार कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचा रही है। भास्कर ने देश के उन पांच राज्यों से जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की जहां इन कानूनों के बहुत पहले से ही कंपनियों और किसानों के बीच कॉन्ट्रैक्ट का फॉर्मूला चल रहा है।

पंजाब: कंपनी माल खराब बता लौटा दे तो नुकसान किसान को उठाना पड़ता है

पंजाब में सिर्फ निजी कंपनियां ही नहीं सरकारी संस्था पंजाब एग्रो फूड ग्रेन इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन भी कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग करवाती है। मुख्यत: जौ, आलू, बेबी कॉर्न, मटर, ब्रोकली, स्वीट कॉर्न, सनफ्लावर, टमाटर, मिर्ची इत्यादि की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग हो रही हैै। आलू की खेती करने वाले किसान रुपिंदर ने बताया कि किसान को प्राइवेट कंपनियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग करने पर कोई बहुत ज्यादा फायदा नहीं होता। बस उन्हें कंपनी की ओर से नया सीड जरूर मिल जाता है।

सब्जियों में कंपनियां खराब क्वालिटी या ग्रेडिंग की बात कहकर 30 से 40 क्विंटल का माल कई बार वापस कर देती है। जिसका नुकसान किसान को उठाना पड़ता है। वहीं, कई कंपनियां खराब क्वालिटी बताकर तय राशि से कम पेमेंट करती हैं। शुरुआत तीन-चार साल बाद किसानों को मेहनत के मुताबिक दाम नहीं मिलते। लुधियाना स्थित फील्डफ्रेश कंपनी के मैनेजर कमलजीत सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी किसानों को फिक्स प्राइस दिया जाता है।

महाराष्ट्र: राज्य में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के लिए अब तक कोई गाइडलाइन तय नहीं

केंद्र कृषि कानूनों को महाराष्ट्र में लागू करने के लिए राज्य सरकार ने मंत्रियों की एक कमेटी का गठन किया है। हालांकि अब तक राज्य में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग अपनाने वाले किसानों को फायदे से ज्यादा नुकसान ही हुआ है। राज्य में इसकी अब तक कोई गाइडलाइन भी तय नहीं है। यहां 5-6 कंपनियां आलू, कपास और सब्जियों की खेती का किसानों से कॉन्ट्रैक्ट करती हैं। पुणे जिले की खेड तहसील में आलू की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग करने वाले कैलाश आढवले कहते हैं कि कंपनी कम कीमत पर बीज और कीटनाशक देती है।

वैसे तो कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन यदि फसल को कोई नुकसान हुआ तो कंपनी कोई मुआवजा नहीं देती। पुणे के ही मंचर के किसान दीपक थोरात एक निजी कंपनी के लिए ब्रोकर का काम भी करते हैं। उनका कहना है कि ब्रोकर को 50 पैसे प्रति किलो कमीशन मिलता है। राज्य के कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पांडुरंग सिगेदर का कहना है कि केंद्र के कानून में राज्य सरकार सिर्फ गिने-चुने निर्णय ले सकती है।

तमिलनाडु: कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पर कानून है, फिर भी किसानों के 143 करोड़ कंपनियों पर बकाया

तमिलनाडु कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पर कानून बनाने वाला पहला राज्य है। अक्टूबर, 2019 में ही यहां एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस एंड लाइवस्टॉक कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एंड सर्विसेज एक्ट लागू है। कहने को इस एक्ट में केंद्र के कृषि कानूनों से भी बेहतर प्रावधान हैं। राज्य के कृषि सचिव गगनदीप सिंह बेदी कहते हैं कि राज्य के कानून के तहत किसानों के लिए कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग बिल्कुल वैकल्पिक है। वह चाहें तो अपनी उपज मंडियों में बेच सकते हैं।

राज्य में किसानों के पास उपज बेचने के लिए भी तीन विकल्प हैं-सरकारी मंडियां, गैर सरकारी मंडियां और डायरेक्ट प्रोक्योरमेंट सेंटर्स। यदि कोई कंपनी किसान से खेती का कॉन्ट्रैक्ट एक तय मूल्य पर करती है और बाद में उस उपज के दाम गिर भी जाएं तो कंपनी को पहले से तय दर से ही भुगतान करना होगा। तिरुनेलवेल्ली जिले के कन्नीयन का परिवार दशकों से खेती करता है। उनकी मुख्य उपज गन्ना है और इसके लिए वह चीनी मिल मालिकों और कंपनियों से कॉन्ट्रैक्ट भी करते हैं। मगर इन्हें 18 माह से पेमेंट नहीं दिया।

हिमाचल प्रदेश: पहले सेब लेकर दिल्ली जाना पड़ता था, अब घर बैठे अकाउंट में आता है पैसा

शिमला के सेब उत्पादक किसान कहते हैं कि प्राइवेट प्रोक्योरमेंट सेंटर होने से उन्हें बहुत राहत मिली है और वे अब पहले से ज्यादा कमाई कर रहे हैं। उन्हें किसी बिचौलिए से डील नहीं करना पड़ता है। स्थानीय किसान बताते हैं कि उन्हें पहले सेब बेचने के लिए दिल्ली जाना पड़ता था। अब ये प्राइवेट सेंटर ही खरीदारी कर लेते हैं। किसाना 10-12 हजार कैरेट सेब इन सेंटरों पर बेच रहे हैं। सेंटर किसानों को सीधे उनके बैंक अकाउंट में भुगतान कर देते हैं। पहले ग्रेडिंग अधिकारी को काफी कमीशन देना पड़ता था।

अब इस राशि की बचत हो रही है। कुछ कंपनियां यहां साल 2006 से ही सेब की खरीदारी कर रही है। यहां किसानों से सेब खरीदने वाली एक कंपनी के अधिकारी ने कहा कि वे यहां के सेब अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचते हैं। इसलिए क्वालिटी पर बहुत ज्यादा ध्यान होता है औक करीब 12 फीसदी सेब रिजेक्ट हो जाते हैं। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से स्थानीय स्तर पर रोजगार में भी इजाफा हुआ है।

केरल: कॉन्ट्रैक्ट नहीं को-ऑपरेटिव फार्मिंग पर जोर, अब तक सफलता भी मिली

राज्य सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी है कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के बजाय वह को-ऑपरेटिव फार्मिंग को बढ़ावा देगी। रगरीबी उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण जैसी योजनाओं को भी को-ऑपरेटिव फार्मिंग से जोड़ा गया है। कृषि मंत्री वी.एस. सुनील कुमार आरोप लगाते हैं कि केंद्र किसानों को बड़े कॉर्पोरेट्स के चंगुल में फंसा रहा है, हमारे राज्य में को-ऑपरेटिव फार्मिंग का सफल फॉर्मूला लागू है। सरकार इस व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए को-ऑपरेटिव्स को बैंक ऋण की राह भी आसान करेगी।

ऑल इंडिया किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धावाले बताते हैं कि को-ऑपरेटिव फार्मिंग का अर्थ है सामूहिक हिस्सेदारी और सामूहिक श्रम। राज्य में ब्रह्मगिरी डेवलपमेंट सोसाइटी (बीडीएस) जैसे को-ऑपरेटिव समूह इसी मॉडल पर काम करते हैं। वायनाड जिले में काम करने वाले बीडीएस का गठन ट्रेड लिबरलाइजेशन के दौर में हुआ था जब केरल के काली मिर्च और कॉफी जैसी फसलों की कीमतें अचानक गिरने से सैकड़ों किसानों ने आत्महत्या कर ली थी।



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किसान फाइल फोटो


source /national/news/increase-in-income-of-farmers-in-himachal-no-price-as-per-hard-work-in-punjab-company-does-not-give-compensation-in-maharashtra-127967170.html

माउंट आबू में लगातार तीसरे दिन जमी बर्फ, बिहार में दिख रहा पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और तेज शीत लहर का असर

देश के उत्तरी इलाकाें में हाे रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षाेभ खत्म हाेने के साथ उत्तरी हवाएं सक्रिय हाेने से माउंट आबू में लगातार सर्दी का असर बना हुआ है। हालांकि साेमवार काे माउंट आबू का न्यूनतम तापमान 1 डिग्री बढ़ा है, लेकिन इससे सर्दी से काेई राहत नहीं मिली। माउंट आबू में साेमवार काे न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया।

तापमान 2 डिग्री पर रहने से यहां सवेरे जगह-जगह ओस की बूंदें बर्फ बनी नजर आई और देर तक वादियाें में भी काेहरा छाया रहा। माउंट आबू में पड़ रही कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए यहां आने वाले सैलानियाें के साथ स्थानीय लाेग भी गर्म कपड़ाें में नजर आए तथा अलाव जलाकर सर्दी से बचने का जतन किया। यहां साेमवार सुबह मकानाें और हाेटलाें के बगीचाें की घास, नक्की झील पर खड़ी बाेट की सीटाें, मकानाें के बाहर खड़ी कार की छत और शीशाें पर बर्फ जम गई। गुरुशिखर, ओरिया और अचलगढ़ क्षेत्र में भी सवेरे मैदान और खेताें में ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हाे गई।

पटना: रात में बढ़ेगी ठंड, गिरेगा पारा, सुबह में रहेगी धुंध

पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और तेज शीत हर का असर बिहार पर भी पड़ेगा। न्यूनतम तापमान में कमी आएगी और रात में ठंड बढ़ेगी। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के वैज्ञानिक अमित सिन्हा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बन रहा है, जिसका असर बिहार पर नहीं पड़ेगा, लेकिन उत्तर भारत में तेज शीतलहर और बर्फबारी से आसपास के राज्याें में ठंड बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि तालाब और नदी के किनारे में मौजूद शहरों में सुबह में कोहरा भी छाया रहेगा।

सोमवार को भी पटना में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में आंशिक वृद्धि हुई। पटना का अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो रविवार की तुलना में 0.8 डिग्री सेल्सियस अधिक है, वहीं न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 0.6 डिग्री सेल्सियस अधिक है। राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान गया में 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।



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माउंट आबू में पेड़ की टहनियाें पर जमी ओस की बूंदें।


source /national/news/mount-abu-receives-snow-for-the-third-consecutive-day-snowfall-in-bihar-and-snowfall-seen-in-bihar-127967164.html

मनी ट्रांसफर से इनकम टैक्स रिटर्न तक दिसंबर में आपके काम की जरूरी तारीखें



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December Important Dates 2020 Updates; Chandra Grahan To ITR Filing Last Date, US Coronavirus Vaccine and More


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