Sunday, 29 November 2020

राजस्थान की पूर्व शिक्षा मंत्री और भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी का कोरोना से निधन

कोरोना ने एक और राजनेता की जान ले ली। राजस्थान की पूर्व शिक्षा मंत्री और राजसमंद से भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी (59) का रविवार देर रात निधन हो गया। उनका गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वे 2004 में उदयपुर से लोकसभा सांसद भी चुनी गई थीं। 2009 में उन्होंने उदयपुर से सचिन पायलट के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। इस महामारी से जान गंवाने वाली वे राज्य की दूसरी नेता हैं। इससे पहले भीलवाड़ा की सहाड़ा सीट से कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी का निधन हुआ था।

देश में कोरोना के एक्टिव मरीज फिर एक बार 4.5 लाख से कम हो गए हैं। रविवार राहत भरा रहा और 6579 एक्टिव केस कम हो गए। यह 17 नवंबर के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। तब 6685 एक्टिव केस कम हुए थे। बीते 24 घंटे में देश में 39 हजार 36 नए मरीज मिले, 45 हजार 152 ठीक हुए, जबकि 444 की मौत हो गई। देश में कोरोना से अब तक 94.32 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं, 88.46 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 1.37 लाख मरीजों की मौत हो चुकी है।

राजस्थान सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक, 31 दिसंबर तक राज्य के सभी कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन जारी रहेगा। यहां केवल जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीम हाउस टू हाउस सर्विलांस करेगी। राज्य सरकार ने शाम 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कोटा, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, भिलवाड़ा, नागौर, पाली, टोंक, सीकर और गंगानगर के शहरी क्षेत्रों में आने वाले टाउन हेडक्वार्टर में भी कर्फ्यू लगा दिया है। यहां मार्केट, सभी तरह के वर्क प्लेस, कॉमर्शियल कॉम्पलैक्स शाम 7 बजे तक बंद करने होंगे।

31 दिसंबर तक स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे
राजस्थान सरकार ने 31 दिसंबर तक राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन और कोचिंग इंस्टीट्यूट को बंद रखने का फैसला लिया है। इसके अलावा, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स भी बंद रहेंगे। बड़े स्तर पर कोई भी सोशल, पॉलिटिकल, स्पोर्ट्स, कल्चरल, धार्मिक कार्यक्रम कराने की मंजूरी नहीं मिलेगी।

14 करोड़ टेस्ट पूरे हुए, मरीजों का आंकड़ा 94 लाख के पार

देश में रविवार को कोरोना टेस्टिंग का आंकड़ा 14 करोड़ के पार हो गया। अब तक 14 करोड़ 8 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है। इनमें 94 लाख 30 हजार 724 यानी 6.69% लोग संक्रमित पाए गए हैं। पिछले 24 घंटे में 37 हजार 685 नए मरीज बढ़े। 43 हजार 590 लोग ठीक हुए और 419 की मौत हो गई। अभी 4 लाख 46 हजार 658 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। बाकी 88 लाख 44 हजार 751 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 1 लाख 37 हजार 152 हो गई है।

कोरोना अपडेट्स

  • एयरफोर्स ने स्पेशल फ्लाइट के जरिए सेंट्रल एशिया के एक देश में फंसे 50 भारतीय वैज्ञानिकों को रेस्क्यू किया। इनमें से कुछ वैज्ञानिक कोविड पॉजिटिव भी हैं। एयरफोर्स ने इन्हें विशेष सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से एयर-लिफ्ट किया। इन सभी को साउथ इंडिया भारत के एक एयरपोर्ट पर लैंड कराकर क्वारैंटाइन किया गया है। ये वैज्ञानिक एक समझौते के तहत सेंट्रल एशिया के एक देश में गए थे।
  • कोरोना की वैक्सीन कोवीशील्ड (Covidshield Vaccine) के गंभीर साइड इफेक्ट होने का आरोप लगा है। चेन्नई में ट्रायल के दौरान वैक्सीन लगवाने वाले एक 40 साल के वॉलंटियर ने यह आरोप लगाया है। कहा कि वैक्सीन का डोज लेने के बाद से उसे न्यूरोलाजिकल समस्याएं (दिमाग से जुड़ी परेशानी) शुरू हो गई हैं। वॉलंटियर ने इसके लिए सीरम इंस्टीट्यूट से 5 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगा है।
  • पश्चिम बंगाल के एजुकेशन मिनिस्टर पार्था चटर्जी ने कहा कि फिलहाल स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय खोलने का कोई इरादा नहीं है। छात्रों को जल्द ही पाठ्यक्रम मुहैया करा दिए जाएंगे। ज्यादा फोकस ऑनलाइन एजुकेशन का होगा। यही नहीं हम लोग पहले सेमेस्टर का एग्जाम भी ऑनलाइन ही कराने का विचार कर रहे हैं।
  • जम्मू कश्मीर में सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य एजुकेशनल इंस्टीट्यूट 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे। क्लास 9-12वीं तक के स्टूडेंट्स वॉलंटियर के तौर पर स्कूल विजिट कर सकते हैं। सिनेमा 50% दर्शकों की क्षमता के साथ खुल सकता है। शादी समारोह में 100 से ज्यादा लोगों के जुटने पर पाबंदी है। सभी तरह के धार्मिक स्थल पब्लिक के लिए खुले रहेंगे। हालांकि इसमें कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। राज्य में बाहर से आने वाले लोगों पर किसी तरह की पाबंदी नहीं रहेगी। हालांकि ऐसे टूरिस्ट को एंटीजन टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।
  • गुजरात के राजकोट स्थित कोविड अस्पताल में आग लगने से 5 लोगों की हुई मौत के मामले में मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने जांच के आदेश दिए हैं। मामले में अस्पताल के 5 डॉक्टर्स पर केस दर्ज किया गया है। डीसीपी राजकोट मनोहर सिंह जडेजा ने बताया कि एक बार जांच रिपोर्ट आने के बाद पांचों डॉक्टर्स को अरेस्ट कर लिया जाएगा।

10 दिसंबर तक मरीजों का आंकड़ा 1 करोड़ के पार हो सकता है

पिछले 6 दिनों के डेटा पर नजर डालें तो देश में एक बार फिर से कोरोना मरीजों के मिलने की रफ्तार तेज हो गई है। अब हर दिन 40 से 45 हजार नए मरीज मिल रहे हैं। इसके उलट मरीजों के ठीक होने की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पहले जहां, हर दिन 50 हजार लोग ठीक हो रहे थे वहां अब 30 से 35 हजार रिकवरी रह गई है। नए मरीजों के मिलने की मौजूदा रफ्तार अगर बनी रही तो 10 दिसंबर तक देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ के पार हो सकता है।

देश में कोरोना की रफ्तार

  • देश में हर 10 लाख की आबादी में 6700 लोग संक्रमित मिल रहे हैं।
  • इतनी ही आबादी में मरने वालों की संख्या 99 है।
  • हर 10 लाख की आबादी में 100,684 लोगों की जांच हो रही है।
  • भारत में अभी 8,944 मरीज ऐसे हैं जिनकी हालत गंभीर है। मतलब ये ICU और वेंटिलेटर के सहारे हैं।
  • दुनिया में भारत 7वां देश है जहां सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं। मतलब ऐसे मरीज जिनका इलाज चल रहा है।
  • भारत दुनिया का दूसरा सबसे संक्रमित देश है। पहले नंबर पर अमेरिका है। यहां 1.36 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमति हो चुके हैं।
  • दुनिया में सबसे ज्यादा मरीज अब तक भारत में ठीक हो चुके हैं।

5 राज्यों का हाल

1. दिल्ली

राजधानी दिल्ली में संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 9 हजार के पार हो गई है। अब तक 9 हजार 66 लोग दम तोड़ चुके हैं। पिछले 24 घंटे के अंदर 68 मरीजों ने जान गंवाई। 4906 नए मरीज मिले और 6325 लोग रिकवर हुए। इसी के साथ संक्रमितों का आंकड़ा अब 5 लाख 66 हजार 648 हो गया है। इनमें 5 लाख 22 हजार 491 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 35 हजार 91 मरीजों का इलाज चल रहा है।

2. मध्यप्रदेश

राज्य में रविवार को 1514 नए मरीज मिले। 1508 लोग रिकवर हुए और 13 की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 4 हजार 745 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 14 हजार 974 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 86 हजार 521 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 3250 हो गई है।

3. गुजरात

राज्य में रविवार को 1564 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। 1451 लोग रिकवर हुए और 16 की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 8 हजार 278 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 14 हजार 789 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 89 हजार 520 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 3969 हो गई है।

4. राजस्थान

पिछले 24 घंटे के अंदर राज्य में 2581 नए मरीज मिले। 2556 लोग रिकवर हुए और 18 की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 65 हजार 386 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 28 हजार 758 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 2 लाख 34 हजार 336 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 2292 हो गई है।

5. महाराष्ट्र

राज्य में रविवार को 5544 नए मरीज मिले। 4362 लोग रिकवर हुए और 85 की मौत हो गई। अब तक 18 लाख 20 हजार 59 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 90 हजार 997 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 16 लाख 80 हजार 926 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 47 हजार 71 हो गई है।



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माहेश्वरी के निधन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत भाजपा-कांग्रेस के कई नेताओं ने गहरा शोक जताया है। -फाइल फोटो


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ओवैसी के गढ़ में पहुंचे शाह; सरकार के प्रस्ताव पर किसानों की ना और पाकिस्तानी क्रिकेटर पर रेप के आरोप

नमस्कार!
किसानों ने सरकार से कहा है कि अब वे दिल्ली चलेंगे नहीं, बल्कि दिल्ली घेरेंगे। यानी दिल्ली जाने वाले हाईवे ब्लॉक करेंगे। उधर, गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में रोड शो किया। वे यहां नगर निगम चुनाव के लिए प्रचार करने पहुंचे थे।

बहरहाल, शुरू करते हैं न्यूज ब्रीफ...

आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर

  • प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी पहुंचेंगे। देव दीपावली कार्यक्रम में शामिल होंगे। वाराणसी से प्रयागराज तक बनने वाले सिक्स लेन हाईवे का लोकार्पण करेंगे।
  • पीएम मोदी कोरोना वैक्सीन बनाने वाली तीन टीमों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। इनके नाम जेन्नोवा बायोफार्मा, बायोलॉजिकल ई और डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज हैं।
  • चंडीगढ़ में श्री गुरु नानक देव जी के 551 वें प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारों में एक लाख से ज्यादा लोगों की संगत लंगर खाएगी।

देश-विदेश

किसानों ने नहीं मानी सरकार की बात, कर दिए तीन ऐलान
दिल्ली-हरियाणा सीमा यानी सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा। किसानों ने बैठक के बाद कहा कि हम बुराड़ी नहीं जाएंगे। बल्कि, अब दिल्ली जाने वाले सभी रास्ते ब्लॉक किए जाएंगे। इससे पहले, केंद्र ने कहा था- किसान बुराड़ी में इकट्ठा हों, तो सरकार उनसे बातचीत करने तैयार है। आंदोलन के मुद्दे पर रविवार रात भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक की।

हैदराबाद पहुंचे शाह, ओवैसी और KCR को घेरा
गृह मंत्री अमित शाह रविवार को हैदराबाद पहुंचे। वहां नगर निगम चुनाव होने हैं। शाह ने सिकंदराबाद में रोड शो किया। उन्होंने कहा- चंद्रशेखर राव जी से पूछना चाहता हूं कि आप ओवैसी की पार्टी से समझौता करते हैं, इससे हमें कोई दिक्कत नहीं है। दिक्कत है कि आप एक कमरे में ईलू-ईलू करके सीटें बांट लेते हैं।

छत्तीसगढ़ में IED ब्लॉस्ट; असिस्टेंट कमांडेंट शहीद
छत्तीसगढ़ के सुकमा के चिंतागुफा क्षेत्र में शनिवार रात IED ब्लास्ट हुआ। इसमें COBRA बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट नितिन भालेराव शहीद हो गए। सेकंड इन कमांड दिनेश सिंह समेत 9 जवान घायल हैं। इनमें से 7 को रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 4 जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मोदी बोले- संसद ने कृषि सुधारों को कानूनी रूप दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए अपनी बात किसानों तक पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा- संसद में कृषि सुधारों को अमली जामा पहनाया गया। इससे किसानों को अधिकार और अवसर मिले। मोदी ने हैरिटेज, लोकल के लिए वोकल, पक्षियों, भारतीय संस्कृति जैसे विषयों पर भी बात की।

भास्कर एक्सप्लेनर
देश के 9 राज्यों में धर्म परिवर्तन रोकने को कानून

देश के कानून में 'लव जिहाद' नाम का कोई शब्द है ही नहीं, फिर भी इसकी चर्चा हर तरफ हो रही। मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश तो बाकायदा अध्यादेश लेकर आ गए हैं। ये जानना जरूरी है कि हमारे देश के कितने राज्यों में जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानून है? क्या दूसरे देशों में भी ऐसे कानून हैं?

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पॉजिटिव खबर
फूड ट्रक बिजनेस से सालाना डेढ़ करोड़ का टर्नओवर

सत्या और ज्योति यूएस में रहते थे। सत्या वहां ई-कॉमर्स सेक्टर में नौकरी कर रहे थे। ज्योति भी जॉब में थीं। कुछ सालों बाद दोनों भारत वापस आ गए। उनका इरादा खुद का फूड बिजनेस करने का था। उन्होंने बिजनेस की शुरूआत किसी बहुत बड़े होटल-रेस्टोरेंट से नहीं की, बल्कि एक फूड ट्रक से की। आज उनके तीन फूड ट्रक हैं और सालाना टर्नओवर डेढ़ करोड़ है। वे बीस लोगों को नौकरी भी दे रहे हैं।

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विदेश में लगातार दूसरी सीरीज हारी टीम इंडिया
ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को 3 वनडे की सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम को 51 रन से हरा दिया। ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज के पहले वनडे में इसी सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में भारतीय टीम को 66 रन से हराया था। टीम इंडिया विदेशी जमीन पर लगातार दूसरी वनडे सीरीज हारी है। पिछली बार फरवरी में न्यूजीलैंड ने अपने घर में टीम इंडिया को 3-0 से हराया था।

सुर्खियों में और क्या है...

  • गुजरात में अमरेली के मोटा मुंजियासर गांव की अमिता जेंडर चेंज करवाकर आदित्य पटेल बन गईं। अमिता जन्म से लड़की थीं, बाद में उसने जेंडर चेंज करवाने का फैसला किया।
  • सिडनी में भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट मैच के बीच भारतीय लड़के ने ऑस्ट्रेलियाई लड़की को प्रपोज किया। लड़की ने लड़के को गले लगाकर प्रपोजल मंजूर कर लिया।
  • केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि जल्द ही देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर एनवायरमेंट फ्रेंडली कुल्हड़ों (मिट्‌टी के कप) में चाय मिलेगी।
  • पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम पर यौन शोषण का आरोप लगा। लड़की के मुताबिक, बाबर ने 10 साल तक उसका यौन शोषण किया। पाकिस्तानी न्यूज चैनल '24 न्यूज HD' ने यह जानकारी दी।


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Top News today, News, Cricket News, farmers Protest news: Dainik Bhaskar Top News Morning Briefing Today: Shah arrives at Owaisi's stronghold; Rape allegations against farmers and Pakistani cricketers on the government's proposal


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दिल्ली के दरवाजे पर किसान, सरकार ने किए इंतजाम... फिर भी परेशान



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अच्छाई फैलनी चाहिए और बुराई को एक ही जगह समेट देना चाहिए, तभी समाज का भला होता है

कहानी- आज 30 नवंबर को सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानकदेवजी की जयंती है। गुरु नानक हमेशा घूमते रहते थे और अपने आचरण से ही शिष्यों को और समाज को सुखी जीवन के संदेश देते थे। उनके आशीर्वाद सभी को आसानी से समझ नहीं आते थे। जो लोग उन्हें जानते थे, सिर्फ वे ही उनकी बातों को समझ पाते थे। उनके आशीर्वाद बहुत सरल होते थे, लेकिन उनका अर्थ काफी गहरा रहता था।

एक बार गुरु नानक अपने शिष्यों के साथ किसी गांव में पहुंचे। उस गांव के लोग बहुत निराले थे। गांव के लोगों को गुरु नानक के बारे में मालूम हुआ तो सभी उनके डेरे पर प्रणाम करने पहुंचे। उस समय गुरु नानक ने लोगों के एक समूह को आशीर्वाद दिया कि 'बस जाओ' यानी यहीं रहने लगो।

कुछ देर बाद एक दूसरा समूह आया तो गुरुनानक ने उन्हें कहा कि 'उजड़ जाओ' यानी बिखर जाओ।

शिष्यों ने गुरु नानक से पूछा, 'ये कैसा आशीर्वाद है? एक समूह को आप कहते हैं बस जाओ और दूसरे समूह को कहते हैं उजड़ जाओ।'

गुरु नानक बोले, 'लोगों का जो पहला समूह आया था, उसके लोग अच्छे नहीं थे। सभी बुरे कामों में लगे रहते हैं। गलत लोग एक ही जगह रुक जाएं, तो अच्छा है। कम से कम समाज में बुराई नहीं फैलेगी। इसीलिए, मैंने उन्हें यहीं बस जाने का आशीर्वाद दिया। दूसरे समूह के लोग अच्छे थे इसलिए मैंने उन्हें उजड़ जाने का आशीर्वाद दिया, ताकि वे जहां जाएंगे अच्छाई फैलाएंगे और समाज का भला करेंगे।'

सीख- गुरु नानक का संदेश ये है कि हमें अच्छाई को फैलाना चाहिए और बुराई को एक ही जगह पर समेट देना चाहिए यानी खत्म कर देना चाहिए। इसी से हमारा और समाज का कल्याण होता है।



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अमेरिका की नौकरी छोड़ पत्नी के साथ शुरू किया फूड ट्रक, अब सालाना डेढ़ करोड़ का टर्नओवर

सत्या और ज्योति यूएस में रहते थे। सत्या वहां ई-कॉमर्स सेक्टर में नौकरी कर रहे थे। उनकी पत्नी ज्योति भी जॉब में थीं। कुछ साल बाद दोनों भारत वापस आ गए। उनका इरादा अपना फूड बिजनेस शुरू करने का था। दोनों ने शुरूआत किसी होटल या रेस्टोरेंट से करने के बजाय एक फूड ट्रक से की। आज उनके पास तीन फूड ट्रक हैं। सालाना टर्नओवर डेढ़ करोड़ पहुंच चुका है। बीस लोगों को नौकरी भी दे रहे हैं। सत्या ने अपने बिजनेस की कहानी भास्कर से शेयर की।

मास्टर्स करने यूएस गए, वहीं सीखा वैल्यू ऑफ मनी

सत्या कहते हैं- इंजीनियरिंग के बाद मैं मास्टर्स करने यूएस गया था। पढ़ाई के खर्चे के लिए कुछ लोन लिया था। लोन चुकाने के लिए मैंने पार्ट टाइम जॉब किया। यूएस में अपना सारा काम खुद ही करना होता है। न पैरेंट्स होते हैं, न रिश्तेदार। यही वह चीज होती है, जिससे हम जिदंगी को समझते हैं। वैल्यू ऑफ मनी को समझते हैं।

पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम जॉब करते हुए मैं ये सब सीख रहा था। फिर ई-कॉमर्स सेक्टर में जॉब करने लगा। वहीं ज्योति से मुलाकात हुई और 2008 में हमारी शादी हो गई। शादी के बाद हम भारत वापस आ गए। ज्योति के पिता बिजनेसमैन हैं। वे लॉजिस्टिक सेक्टर में काम करते हैं, इसलिए ज्योति को ट्रांसपोर्ट, बस-ट्रक की अच्छी समझ थी।

एक फूड ट्रक से शुरू हुआ सत्या का बिजनेस अब तीन फूड ट्रक तक पहुंच गया है।

ऑफिस के पास कोई दुकान नहीं थी, वहीं से आया आइडिया

भारत आने के बाद ज्योति जिस कंपनी में काम कर रहीं थीं, उसका ऑफिस ओखला में था। वहां आस-पास खाने-पीने की कोई शॉप नहीं थी। साउथ इंडियन खाना तो दूर-दूर तक नहीं मिलता था। ये देखकर ज्योति ने सोच लिया था कि जब भी काम शुरू करेंगे, यहीं से करेंगे। काफी रिसर्च करने के बाद हमने सोचा कि अपना फूड ट्रक शुरू करते हैं। क्योंकि, न इसमें ज्यादा इंवेस्टमेंट था और न बहुत बड़ी रिस्क थी। यह भी पहले ही सोच रखा था कि साउथ इंडियन फूड ही रखेंगे।

2012 में हमने एक्सपेरिमेंट के तौर पर पहला फूड ट्रक शुरू किया। एक सेकंड हैंड ट्रक खरीदा। अंदर से उसे बनवाया। अखबारों में विज्ञापन देकर एक अच्छा शेफ खोजा और काम शुरू कर दिया। ओखला में ही फूड ट्रक लगाया। उसमें साउथ इंडियन फूड ही रखा। पहले दिन से ही हमारा बिजनेस अच्छा चलने लगा। हमने जहां ट्रक लगाया था, वहां ज्यादातर ऑफिस थे। लोग खाने-पीने आया करते थे। लेकिन, दो महीने बाद बिजनेस एकदम से कम हो गया। कुछ ऑफिस बंद हो गए थे। कुछ लोग नौकरी छोड़कर चले गए थे।

किसान आंदोलन की ग्राउंड रिपोर्ट:किसानों को रोकने के लिए नक्सलियों जैसी रणनीति अपना रही पुलिस, कई जगह सड़कें खोद डालीं

समझ नहीं पा रहे थे कि ग्राहकों को कैसे जोड़ें
बिजनेस घट जाने के बाद हम समझ नहीं पा रहे थे कि नए ग्राहक कैसे जोड़ें। उस दौरान मैं जॉब कर रहा था, जबकि ज्योति जॉब छोड़कर फुलटाइम बिजनेस पर ध्यान दे रहीं थीं। हमारे मेंटर एसएल गणपति ने सलाह दी, 'तुम्हारा कोई होटल या रेस्टोरेंट तो है नहीं। तुम्हारा फूड ट्रक है। अगर ग्राहक तुम्हारे पास नहीं आ रहे, तो तुम ग्राहकों के पास जाओ।' उनकी एडवाइज के बाद हम एक संडे को उनके ही अपार्टमेंट में फूड ट्रक लेकर पहुंच गए। तीन घंटे में ही हमारा सारा सामान बिक गया।

अब हम समझ गए थे कि कैसे लोगों को अपने प्रोडक्ट से जोड़ना है। हमने और कई स्ट्रेटजी भी अपनाईं। मैं यहां उन्हें डिसक्लोज नहीं करना चाहता। हम अपने फूड ट्रक में घर जैसा टेस्टी खाना दे रहे थे। इसमें रवा डोसा, टमाटर प्याज उत्तपम, मेदुवडा, फिल्टर कॉफी, मालाबार पराठा जैसे आयटम शामिल थे। यह दिल्ली में आसानी से नहीं मिलते थे। हमारी इसमें स्पेशलिटी थी, क्योंकि हम साउथ इंडियन ही हैं।

सत्या की कंपनी कॉरपोरेट्स को भी सर्विस देती है। वे कहते हैं- हम 30 लोगों की पार्टी में सर्विस देते हैं और 500 लोगों की भी।

सत्या ने बिजनेस ग्रोथ के लिए नौकरी छोड़ी

सत्या ने बताया- 2012 से 2014 तक हमारा बिजनेस ठीक-ठाक चला। घरवाले भी इसमें इन्वॉल्व हो चुके थे। 2014 में मैंने भी जॉब छोड़ दी, क्योंकि बिजनेस को ग्रोथ देने के लिए ज्यादा टाइम देना जरूरी थी। 2014 में ही हमने एक फूड ट्रक और खरीद लिया। अब हमारे पास दो गाड़ियां हो चुकी थीं। हमने बिजनेस के लिए नए एरिया भी एक्सप्लोर किए। जैसे, दिल्ली में केटरर बड़ी पार्टियों के ऑर्डर तो ले रहे थे, लेकिन छोटी पार्टियों के ऑर्डर कोई नहीं लेता था। हमने 30 लोगों तक की पार्टी वाले ऑर्डर भी लेना शुरू कर दिए। इससे हमारा कस्टमर बेस भी बढ़ा और अर्निंग भी बढ़ी। धीरे-धीरे शादियों में और कॉरपोरेट्स में भी सर्विस देने लगे।

अब हमारे तीन फूड ट्रक हो चुके हैं। हम 20 लोगों को नौकरी दे रहे हैं। दिल्ली के साथ ही गुड़गांव तक सर्विस दे रहे हैं। जल्द ही नोएडा तक अपना काम फैलाने वाले हैं। आखिरी फाइनेंशियल ईयर में टर्नओवर डेढ़ करोड़ पहुंच गया था। लॉकडाउन में जब लोग बाहर के खाने से डर रहे थे, तब हमने स्नैक्स के ऑर्डर लेना शुरू किए। पैकिंग करके इनकी डिलेवरी की।

सत्या ने कहा- जो भी बिजनेस में आना चाहते हैं, वे याद रखें कि शुरूआत में कई बार कामयाबी नहीं मिलती। इससे घबराकर काम करना न छोड़ें। बल्कि जो सोचा है, उसके पीछे लगे रहें। आपको सक्सेस जरूर मिलेगी।

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यूएस में जॉब के दौरान सत्या और ज्योति ने अपना बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा था। फूड ट्रक का आइडिया ज्योति का था।


source https://www.bhaskar.com/db-original/news/the-story-of-the-couple-who-returned-from-the-us-to-start-a-food-truck-business-in-india-earning-an-annual-revenue-of-15-crore-127963840.html

टूरिज्म इंडस्ट्री को 80% तक नुकसान; जिन होटलों में 40 कमरे, वहां 10 भी बुक नहीं हो रहे

दार्जिलिंग की पहाड़ियों से कंचनजंगा की सफेद बर्फ को देखने के लिए लोग देश के कोने-कोने से आते हैं। यहां की खूबसूरत घाटियां, पहाड़ी झरने, घास के मैदान, पहाड़ी ढलान और दूर तक दिखते चाय के बागान पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं। लेकिन कोरोना ने दार्जिलिंग की दिलकश वादियों और आंखों में बस जाने वाले नजारों से पर्यटकों को दूर कर दिया है। टी, टिंबर और टूरिज्म के लिए मशहूर दार्जिलिंग में चाय के नए बागान लग नहीं रहे हैं। टिंबर उद्योग दम तोड़ चुका है। टूरिज्म को कोरोना ने करीब-करीब खत्म ही कर दिया है।

दार्जिलिंग में हालात बेहद मुश्किल हो गए हैं। जंगलों में सैलानियों को घुमाने वाले लोग घर चलाने के लिए अवैध शिकार की तरफ भी मुड़ सकते हैं। गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन के असिस्टेंट डायरेक्टर टूरिज्म सूरज शर्मा कहते हैं, 'पहले के मुकाबले अभी 15-20% पर्यटक ही आ रहे हैं। अभी दशहरे के दौरान चार दिन कुछ टूरिस्ट आए, लेकिन ज्यादातर पश्चिम बंगाल के ही थे। बाहर के पर्यटक अभी नहीं आ रहे हैं।' शर्मा कहते हैं, 'कई महीने तो सबकुछ बंद रहा। अब होटल खुले हैं लेकिन 15-20% से ज्यादा बुकिंग नहीं है। जिन होटलों में 40 कमरे हैं, वहां 10 भी बुक नहीं हो पा रहे हैं।'

कनेक्टिविटी न होने से घटा टूरिज्म

ईस्टर्न हिमालयन ट्रेवल एंड टूरिज्म नेटवर्क के महासचिव सम्राट सान्याल कहते हैं कि पर्यटकों के नहीं आने की एक बड़ी वजह कनेक्टिविटी का पूरी तरह बहाल ना हो पाना भी है। सान्याल कहते हैं, 'ट्रेन और फ्लाइट पूरी तरह ऑपरेशनल नहीं हैं। जो पर्यटक अभी आ रहे हैं, वे पश्चिम बंगाल से ही हैं। 2019 के मुकाबले हमारा बिजनेस 80-90% तक डाउन है।'

दार्जिलिंग की पहाड़ियों से कंचनजंगा की सफेद बर्फ को देखने के लिए देश के कोने-कोने से लोग यहां आते हैं।

एसोसिएशन फॉर कंजर्वेशन एंड टूरिज्म के कन्वेनर और पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पर्यटन सलाहकार राज बासू कहते हैं कि बीते साल के मुकाबले पर्यटन 80% तक कम है। बासू कहते हैं, 'उत्तर बंगाल और सिक्किम में सीधे तौर पर 10 लाख लोग पर्यटन उद्योग से जुड़े हैं। पर्यटन के सीजन के दौरान होने वाले टर्नओवर का एक फीसदी भी हम हासिल नहीं कर पाए हैं। हम नहीं जानते कि अब हम सर्वाइव कर पाएंगे या नहीं।'

सूरज शर्मा बताते हैं, 'दार्जिलिंग में ही सीधे तौर पर 8 से 10 हजार कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। बहुत लोगों की नौकरी चली गई है। जो नौकरी पर हैं, उन्हें भी तीस फीसदी तक ही सेलरी मिल रही है। जिसे पहले 10 हजार मिलते थे, उसे 3 हजार रुपए ही मिल रहे हैं।' सम्राट सान्याल कहते हैं, 'अभी तक किसी तरह 25-30% सेलरी दी जा रही है। अगर चीजें ठीक नहीं हुईं, तो 50% लोगों को पूरी तरह नौकरी से निकाला जा सकता है।'

छोटे काम-धंधे वाले सबसे ज्यादा परेशान

बासू कहते हैं, 'लोग अपने टैक्स नहीं भर पा रहे हैं। बिजली के बिल नहीं भर पा रहे हैं। यहां तक की रोजमर्रा के खर्च पूरे नहीं कर पा रहे हैं। जो स्थानीय लोग गाड़ी चलाते थे या छोटे-छोटे लॉज चलाते थे, वे सबसे ज्यादा परेशान हैं। बड़े होटल किसी तरह अपना काम चला पा रहे हैं। छोटे काम-धंधों वालों के हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग गाड़ियां और लॉज बेच रहे हैं या इस बारे में सोचने लगे हैं।'

गोरूमरा नेशनल पार्क में अधिकारियों से चर्चा करने आए राज बासू कहते हैं, 'जंगल में पर्यटन से जुड़े अधिकतर लोग सेलरी पर काम नहीं करते हैं। गाइड या जीप सफारी कराने वालों की इनकम टूरिस्ट से ही जुड़ी है। फॉरेस्ट अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों के बेरोजगार होने से जंगल पर दबाव बढ़ेगा। ऐसे लोग अवैध शिकार और जंगल की कटाई की तरफ भी रुख कर सकते हैं। कंजर्वेशन के लिहाज से ये बड़ा खतरा है, जो हमें दिखाई दे रहा है। '

अब गांवों की तरफ जा रहे हैं पर्यटक

पहले के मुकाबले 15-20% पर्यटक ही आ रहे हैं। ज्यादातर होटलों में कमरे खाली पड़े हैं।

सूरज शर्मा कहते हैं, 'पर्यटक अभी शहर छोड़कर गांवों की ओर जा रहे हैं। विलेज टूरिज्म बढ़ रहा है। लोग होम स्टे में रहना पसंद कर रहे हैं। टूरिस्ट ऐसी जगह जाना चाह रहे हैं, जहां भीड़-भाड़ ना हो। गांवों में अभी पर्यटक हैं, लेकिन शहरों में बड़े होटलों से टूरिस्ट गायब हैं।'

सम्राट सान्याल कहते हैं, 'पिछले एक महीने में नया ट्रेंड देखने को मिला है। पर्यटक ऑफबीट डेस्टिनेशन ज्यादा पसंद कर रहे हैं। होम स्टे में 90% तक कमरे बुक हुए हैं। लेकिन, पॉपुलर डेस्टिनेशन से पर्यटक अभी दूर ही हैं।' राज बासू कहते हैं, 'भारत में सबसे ज्यादा होम स्टे उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में ही हैं। कैलिमपोंग के रूरल एरिया में होम स्टे की तादाद बहुत ज्यादा है। दशहरा दीवाली के दौरान होम स्टे 70% तक बुक थे।'

टूरिज्म इंडस्ट्री को वैक्सीन से उम्मीद

सूरज शर्मा कहते हैं कि पर्यटन से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि अगर वैक्सीन जल्द आ गई तो कारोबार पटरी पर लौट सकता है। सम्राट सान्याल भी कहते हैं कि जब तक लोगों का डर नहीं निकलेगा, तब तक लोग बाहर नहीं निकलेंगे। वे कहते हैं, 'जहां प्रोटोकॉल फॉलो किए जा रहे हैं, वहां केस कम हैं। वैक्सीन आएगी तो लोगों का डर खत्म हो जाएगा।'

इधर, राज बासू का मानना है कि वैक्सीन आने के बाद भी पर्यटन को पटरी पर लौटने में समय लगेगा। बासू कहते हैं, 'वैक्सीन के भी बाजार में जाने के बाद पर्यटन उद्योग को पटरी पर आने में साल डेढ़ साल लग ही जाएगा। हमें लगता है कि अप्रैल 2022 से पहले हम पूरी तरह रिवाइव नहीं कर पाएंगे।'

बासू कहते हैं, 'हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है पर्यटन उद्योग को जिंदा रखना। इस काम से छोटे-छोटे लोग जुड़े होते हैं, जैसे ड्राइवर, चाय बेचने वाले, मोमोज बेचने वाले या छोटे-छोटे सामान बेचने वाले। ऐसे चालीस फीसदी लोग अब धंधे से दूर हो चुके हैं। जो बाकी 60% बचे हैं, उन्हें बेहतरी की उम्मीद है। हमें डर है कि मार्च तक पर्यटन से जुड़े 60% लोग यह कारोबार छोड़ देंगे।

टी, टिंबर और टूरिज्म के लिए मशहूर दार्जिलिंग में चाय के नए बागान लग नहीं रहे, टिंबर उद्योग भी दम तोड़ चुका है।

पर्यटन पश्चिम बंगाल का सबसे तेजी से बढ़ता उद्योग था। दार्जिलिंग में चाय के बागानों की चमक फीकी पड़ने के बाद लोग बड़ी तादाद में पर्यटन से जुड़े थे। ये होमग्रोन इंडस्ट्री है, जो लोगों ने अपने दम पर खड़ी की है। यहां पर्यटन उद्योग गांव-गांव तक पहुंच गया है। इसकी आमदनी से लोगों का जीवन स्तर सुधरा है। बासू कहते हैं, 'टूरिज्म से जुड़े लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रहे थे। दार्जलिंग और कैलिंपोंग के आसपास गांव-गांव में लोग इस इंडस्ट्री से जुड़े हैं।'

सरकार से कोई मदद नहीं मिली

राज बासू बताते हैं कि अभी तक राज्य या केंद्र सरकार ने पर्यटन उद्योग को राहत देने के लिए कुछ भी नहीं किया है। वे कहते हैं, 'हमें नहीं पता कि आगे क्या होगा। राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने अभी तक हमें कोई भरोसा नहीं दिया है। हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया गया है। हम सरकार से पैसों की मदद की उम्मीद नहीं करते, लेकिन कम से कम नैतिक तौर पर तो हमारा समर्थन किया ही जा सकता है। अगले दो साल तक हमसे टैक्स न लिए जाएं, ये ही हमारी बड़ी मदद होगी।'

सम्राट सान्याल कहते हैं कि सरकार और कंपनियां कर्मचारियों को लीव एंड ट्रैवल अलाउंस कैश देने के बजाए उन्हें यात्रा करने को प्रोत्साहित करें। टूरिज्म इंडस्ट्री को जिंदा रखने के लिए यात्राओं को बढ़ावा देना जरूरी है।



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80% loss to tourism as compared to last year, ten hotels are not able to book in hotels which have 40 rooms.


source https://www.bhaskar.com/db-original/news/80-loss-to-tourism-as-compared-to-last-year-ten-hotels-are-not-able-to-book-in-hotels-which-have-40-rooms-127963841.html

लव जिहाद पर बहसः देश के 9 राज्यों में धर्म परिवर्तन रोकने का कानून; पाक में ऐसा करने पर उम्रकैद तक

'मौजूदा कानूनों में 'लव जिहाद' शब्द को परिभाषित नहीं किया गया है। किसी भी केंद्रीय एजेंसी द्वारा 'लव जिहाद' का कोई मामला सूचित नहीं किया गया है।' ये जवाब है गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी का, जो उन्होंने इस साल 4 फरवरी को केरल में लव जिहाद के मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर दिया था।

इसका जिक्र इसलिए, क्योंकि कानून में 'लव जिहाद' नाम का कोई शब्द है ही नहीं, फिर भी आजकल इसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तो बाकायदा अध्यादेश लेकर आ गए हैं। हालांकि, वो अध्यादेश शादी के लिए जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए लाया गया है। लेकिन, इसे लव जिहाद के खिलाफ ही माना जा रहा है। अब जब इस पर इतनी बहस शुरू हो ही गई है, तो ये जानना जरूरी है कि हमारे देश के कितने राज्यों में जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानून है? क्या दूसरे देशों में भी ऐसे कानून हैं? और क्या ऐसा कानून बना पाना वाकई संभव है।

सबसे पहले बात आजादी से पहले की
आजादी से पहले ब्रिटिश इंडिया के समय जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कोई कानून नहीं था। लेकिन, उस समय भी देश की चार रियासतों राजगढ़, पटना, सरगुजा और उदयपुर में इसको लेकर कानून थे। सबसे पहले 1936 में राजगढ़ में ऐसा कानून बना। उसके बाद 1942 में पटना, 1945 में सरगुजा और 1946 में उदयपुर में कानून बना। इन कानूनों का मकसद हिंदुओं को ईसाइयों में बदलने से रोकना था।

आजादी के बाद जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए क्या हुआ?

  • आजादी के बाद जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए पहली बार 1954 में लोकसभा में 'भारतीय धर्मांतरण विनियमन एवं पंजीकरण विधेयक' लाया गया। लेकिन, ये पास नहीं हुआ। इसके बाद 1960 और 1979 में भी बिल तो आए, लेकिन बहुमत के अभाव में पास नहीं हो सके।
  • इसके बाद 10 मई 1995 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कुलदीप सिंह और जस्टिस आरएम सहाय की बेंच ने सरला मुदगल बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में धर्म के दुरुपयोग को रोकने के लिए धर्म परिवर्तन पर कानून बनाने की संभावनाएं तलाशने के लिए एक कमिटी बनाने का सुझाव दिया था।
  • ऐसा सुझाव इसलिए, क्योंकि उस समय हिंदू पुरुष एक से ज्यादा शादी करने के लिए इस्लाम धर्म कबूल कर रहे थे। जबकि, हिंदू मैरिज एक्ट में प्रावधान है कि जब तक पहली पत्नी जीवित हो और तलाक न दिया हो, तब तक दूसरी शादी नहीं हो सकती।

तो क्या जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए कोई कानून नहीं है?
सीनियर एडवोकेट उज्जवल निकम बताते हैं कि हमारे संविधान में जबरन धर्म को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। हमारे संविधान में कोई भी अपनी मर्जी से अपना धर्म बदल सकता है। हालांकि, कानून ये भी कहता है कि किसी के इच्छा के खिलाफ और किसी को डरा-धमकाकर उसका धर्म परिवर्तन करना गुनाह है।

क्या धर्म परिवर्तन रोकने के लिए राज्य सरकारें कानून बना सकती हैं।

  • इस बार उज्जवल निकम कहते हैं कि राज्यों के पास अपने कानून बनाने का अधिकार होता है। हालांकि, विधानसभा में पास होने के बाद राष्ट्रपति के साइन होने जरूरी हैं। राष्ट्रपति के साइन के बाद ही कानून बनते हैं।
  • इन कानूनों को क्या सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती मिल सकती है? इस सवाल के जवाब में निकम कहते हैं, हां बिल्कुल। राष्ट्रपति के साइन के बाद भी इन कानूनों की वैलिडिटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।

कौन-कौन से राज्य जबरन धर्म परिवर्तन या कथित लव जिहाद को रोकने के लिए कानून ला रहे हैं?

  • मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार कथित लव जिहाद को रोकने के लिए कानून ला रही है। इसका अध्यादेश लाया जा चुका है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि दिसंबर में विधानसभा में इसे पास करवा लिया जाएगा। हालांकि, मध्य प्रदेश के पास 1968 से ही कानून था, लेकिन वो इतना सख्त नहीं था। इसलिए इस कानून के बदले सरकार नया कानून ला रही है।
  • मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी इसके लिए कानून ला रही है। इसका अध्यादेश कैबिनेट में पास हो चुका है। इस कानून में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। एमपी, यूपी के अलावा कर्नाटक, हरियाणा, असम में भी कथित लव जिहाद को रोकने के लिए कानून लाने की बात हो रही है।

क्या अभी भी किसी राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानून हैं?
हां, अभी देश के 9 राज्यों में जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए सख्त कानून हैं। पहले तमिलनाडु में भी इसके लिए कानून था, लेकिन 2003 में इसे निरस्त कर दिया गया।

क्या दूसरे देशों में भी इसे रोकने के लिए कानून बने हैं?
हां, भारत के पड़ोसी देशों में भी जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानून हैं। नेपाल, म्यांमार, भूटान, श्रीलंका और पाकिस्तान में ऐसे कानून हैं। पाकिस्तान में सबसे ज्यादा धर्म परिवर्तन के मामले सामने आते हैं, लेकिन यहां जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। यहां मुस्लिम समुदाय इस कानून को निरस्त करने की मांग करता रहता है।



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source https://www.bhaskar.com/db-original/explainer/news/love-jihad-dharm-parivartan-kanoon-history-pakistan-blasphemy-conversion-laws-127963842.html