Tuesday, 21 January 2020

पूर्व चीफ जस्टिस पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला कर्मचारी बहाल, जांच समिति ने आरोपों को खारिज कर दिया था

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला कर्मचारी को बहाल कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, महिला ने ड्यूटी जॉइन कर ली है। पहले के उसके सभी एरियर भी दे दिए गए हैं।

महिला ने 2014 में सुप्रीम कोर्ट में नौकरी शुरू की थी। वह 2018 में सीजेआई के आवास पर बतौर जूनियर कोर्ट असिस्टेंट पदस्थ थी। इसके बाद उसने पूर्व चीफ जस्टिस पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। उसने दावा किया था कि बाद में उसका ट्रांसफर कर दिया गया और फिर नौकरी से निकाल दिया गया।

आरोपों का कोई आधार नहीं: जांच समिति

जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा,जस्टिस इंदिरा बनर्जी और आतंरिक जांच समिति ने महिला कर्मचारी के शिकायत की जांच की। लेकिन, चीफ जस्टिस पर लगे यौन शोषण के आरोपों को खारिज कर दिया गया। समिति ने कहा कि पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई आधार नहीं है।

महिला ने कहा था- समिति से मुझे इंसाफ की उम्मीद नहीं

जस्टिस बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की आंतरिक जांच समिति ने 14 दिन में अपनी जांच पूरी की। 3 दिन तक जांच में हिस्सा लेने के बाद महिला ने आगे की जांच में शामिल होने से इनकार कर दिया था। महिला ने कहा था कि इस समिति से मुझे इंसाफ की उम्मीद नहीं है।

नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप भी थे

उसने यह भी आरोप लगाया था कि उसके पति और देवरको दिल्ली पुलिस की नौकरी से निकलवा दिया गया। हालांकि, जून में दोनों को बहाल कर लिया गया था।मार्च 2019 में महिला के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक मामला दायर किया गया था। उस पर आरोप थे कि उसने सुप्रीम कोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से पैसे लिए थे।



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पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई। -फाइल फोटो।


source /national/news/supreme-court-ranjan-gogoi-latst-news-and-updates-sc-reinstates-woman-employee-who-accused-former-cji-harassment-126578647.html

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