हैदराबाद. आंध्र प्रदेश के तट से रविवार को पहले स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत से के-4 बैलिस्टिक मिसाइल का अंडरवाटर सफल परीक्षण किया गया। डीआरडीओ द्वारा निर्मित मिसाइल की मारक क्षमता 3500 किमी है। इसे आईएनएस अरिहंत पर तैनात किया जाएगा।
के-4 बैलिस्टिक मिसाइल की विशेषता:
- मारक क्षमता- 3500
- लंबाई- 12 मीटर
- चौड़ाई- 1.3 मीटर
- वजन- 17 टन
के-5 बैलिस्टिक मिसाइल बनाए जाने की चर्चा
सूत्रों ने दावा किया कि के-4 बैलिस्टिक मिसाइल किसी भी एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को ट्रैक कर नष्ट कर सकती है। डीआरडीओ के वैज्ञानिक के-4 के सफल परीक्षण के बाद के-5 भी बनाने वाले हैं। इसकी मारक क्षमता पांच हजार किमी होगी।
2 सालों के प्रयासों के बाद सफल परीक्षण किया गया
जानकारी के मुताबिक, पिछले दो सालों में कई असफल प्रयासों के बाद मिसाइल का परीक्षण किया गया। पिछले साल नवंबर में भी इसका परीक्षण होने वाला था। लेकिन बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवाती तूफान बुलबुल की वजह से परीक्षण स्थगित करना पड़ा। भारत अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन समेत छह देशों में से एक है जो थल, वायु और जल से परमाणु मिसाइलें दागने में सक्षम है।
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