Sunday, 19 January 2020

शशि थरूर ने कहा- नागरिकता कानून का विरोध जारी, इसे बंद करा सकते हैं मोदी और शाह

तिरुवनंतपुरम. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने रविवार को कहा कि देश भर में नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध जारी है। यह विरोध प्रदर्शन और भी तेज हो सकते हैं। उन्होंने कोझीकोडे में केरल साहित्य उत्सव में कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चाहें तो यह बंद हो सकता है। इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और नेशनल सिटिजन रजिस्टर( एनआरसी) वापस लेने की घोषणा करनी होगी।

उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री यह कहें कि वे अब एनपीआर आकलन नहीं करवाएंगे। घर-घर जाकर लोगों से यह नहीं पूछेंगे कि आपके माता-पिता का जन्म कब हुआ था। लोगों से इसके लिए सबूत के तौर पर दस्तावेज नहीं मांगेंगे तो नागरिकता कानून का विरोध अपने आप समाप्त हो जाएगा।

गृह मंत्री ने सीएए और एनआरसी को जोड़ दिया: थरूर

थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को आश्वस्त करना चाहिए कि वे अधिकारियों को लोगों की नागरिकता संदिग्ध बनाने का अधिकार नहीं देंगे। लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे। इससे उनका इरादा जाहिर होता है कि वे नागरिकों की पहचान करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने सीएए और एनआरसी को जोड़ दिया है। अगर कोई साबित कर देगा कि वह पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान से है तो उसे तेजी से नागरिकता मिलेगी। बाकी लोगों को नागरिकता साबित होगी।

‘मुसलमानों से नागरिकता का सबूत मांगा जाएगा’

उन्होंने कहा कि एनपीआर के तहत हर भारतीय को दस्तावेज पेश करने के लिए कहा जाएगा। देश के 65% नागरिकों के पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं है। ऐसे में जो लोग हिंदू, सिख, पारसी, इसाई और बौद्ध होंगे उन्हें नागरिकता मिल जाएगी। लेकिन, मुस्लिम हुए तो सवाल किया जाएगा कि कैसे मान लें कि आप पाकिस्तान से नहीं है। उन्हें यह साबित करने के लिए कहा जाएगा कि वे भारत में पैदा हुए हैं। देश के मुसलमानों से उनकी नागरिकता का सबूत मांगा जाएगा।



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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रविवार को केरल लिटरेचर फेस्टिवल में शिरकत की।


source /national/news/shashi-tharoor-said-opposition-to-citizenship-law-continues-modi-and-shah-can-stop-it-126555680.html

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