हैदराबाद. तेलंगाना में उस्मानिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर चिंताकिंदीकासिम को रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उनकी गिरफ्तारी को लेकर अब अगली सुनवाई 24 जनवरी को होगी। तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राघवेंद्र सिंह चौहान ने मामले की सुनवाई अपने आवास की। इससे पहले, शनिवार को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था और हाईकोर्ट के समक्षपेश किया। इसदौरान हाईकोर्ट ने रविवार को सुनवाई करने का फैसला किया था।प्रोफेसर कासिमपर माओवादियोंके साथ संबंध होने का आरोप है।
हाईकोर्ट ने शनिवार को सुनवाई के दौरान सरकार से कासिम की गिरफ्तारी को लेकर रिपोर्ट भी मांगी।वहीं, मानवाधिकार संगठन के नेता और छात्रों ने प्रोफेसर कासिम के रिहाई की मांग करते हुए प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन को देखते हुए चीफ जस्टिस के आवास के पास सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। संगठन के अध्यक्ष प्रो. गड्डम लक्ष्मण ने गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दायर की। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि प्रोफेसर कासिम की गिरफ्तारी अन्यायपूर्ण है और उनकी जान को खतरा है। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रोफेसर कासिम को संगारेड्डी जेल के चर्लापल्ली जेल भेजा गया।
प्रोफेसर के आवास की तलाशी में कई दस्तावेज बरामद हुए
इससे पहले, शनिवार को पुलिस ने प्रोफेसर कासिम के आवास की तलाशी ली थी। इस दौरान पुलिस ने कासिम के कम्प्यूटर, हार्ड डिस्क और माओवाद से संबंधित साहित्य को बरामद किया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले, 2016 में एक सड़क दुर्घटना के दौरान भी कासिम के कार से माओवादी से संबंधित साहित्य मिला था। पुलिस ने इस घटना को लेकर भी मामलादर्ज किया था। पुलिस का आरोप है कि कासिम का संबंध माओवादियोंसे है और वे छात्रों को माओवादी आंदोलन की ओर प्रेरित करते हैं।
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