Sunday, 19 January 2020

दक्षिण भारत में पहली बार तंजावुर एयरबेस पर सुखोई की तैनाती आज

चेन्नै. वायुसेना अब दक्षिण भारत में भी सुरक्षा बढ़ाएगी। इसके लिए सोमवार को देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया तमिलनाडु के तंजावुर एयरफोर्स स्टेशन पर लड़ाकू विमान सुखोई-30 स्क्वाड्रनको सैन्यबेस में शामिल करेंगे। यह दक्षिण भारत के सैन्य बेस पर पहला सुखोई-30 लड़ाकू विमान होगा।

इससे पहलेएयर चीफ मार्शल आरकेएसभदौरिया ने कहा था कि सुखोई-30 के तंजावुर सैन्यबेस में शामिल करने से वायुसेना की शक्ति में बड़ा इजाफा होगा। मुख्य रूप से इसकी समुद्री भूमिका बढ़ेगी।

सुखोई-30 ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है

सुखोई-30 में ब्रह्मोस मिसाइल रखने की क्षमता है। जरूरत पड़ने पर सुखोई बमबारी के साथ मिसाइल से अचूक निशाना भी दाग सकता है। इस लड़ाकू विमान की खासियत ये है कि सुखोई एक घंटे में 2450 किमी तक पहुंच जाता है। एक बार उड़ान भरने के साथ वह आठ हजार किलो तक के हथियार लेकर 5200 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है।



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Su-30MKI | IAF fighter jet; CDS Gen Bipin Rawat, Air Force Chief Air Chief Marshal RKS Bhadauria Latest News and Updates On Sukhoi-30MKI fighter Aircraft Squadron


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